Poet Vaishnavi takes a deep dive into what a veil means in varied contexts
पर्दा है खुशी का ग़म दबाए बैठा है
पर्दा है कमजोरी का साहस छुपाए बैठा है
पर्दा यह कई राज़ कई राज़ छुपाए रहता है ।
धर्म के पर्दे की आड़ अशांति प्रचंड है
विकास के पर्दे की आड़ धरती होती खंड है
पर्दा यह कई राज़ छुपाए रहता है ।
पर्दा यह छुपाता कुछ की खूबियां
पर्दे की आड़ छुपती कईयों के दिलों की खामोशियाँ
पर्दा यह कई राज़ छुपाए रहता है ।
चीर दो यह पर्दे न कुछ रखा इनमे
अर्थहीन है यह जीना मजबूरियों में
रोशनी यह उम्मीद की हर किसी के मन पे छाने दो
खोल कर वह पंख उन्हें ऊंचा उड़ने दो ।